
- तेज गर्मी के बीच बदला मौसम, कई राज्यों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने से जनहानि
- बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत, लेकिन आंधी और बिजली गिरने से बढ़ी चिंता
- उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का कहर, हीटवेव की चपेट में मध्य भारत
लखनऊ/नई दिल्ली।
उत्तर और पश्चिम भारत में तेज गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट ले ली है। बुधवार शाम से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को 20 से अधिक राज्यों में तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर समेत 16 जिलों में सुबह से ही बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में फतेहपुर के दो बच्चे, फिरोजाबाद की एक महिला और सीतापुर का एक किसान शामिल हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में कहर बनकर टूटी बिजली, 22 की मौत
बिहार में बीते 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 22 लोगों की मौत हो गई है। गुरुवार को राज्य के 32 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में खुले में न निकलने की अपील की है।
मध्य भारत में दोहरी मार: हीटवेव के बीच बारिश और ओले
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में अगले कुछ दिनों तक लू चलने की आशंका है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के 16 जिलों और मध्य प्रदेश के 17 जिलों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। बुधवार को एमपी के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरे। उज्जैन और ग्वालियर संभाग में लू का अलर्ट जारी है।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी बारिश और ओले गिरने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
दूसरी ओर, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।








