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ममता बनर्जी ने शिक्षकों से मुलाकात कर जताई सहानुभूति
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भाजपा ने 21 अप्रैल को नबन्ना मार्च का किया ऐलान
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पुलिस पर लाठीचार्ज और मारपीट का आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर बर्खास्त किए गए टीचर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने अब भूख हड़ताल की राह पकड़ ली है। इन लोगों ने गुरुवार को पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन तेज करते हुए भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारी बुधवार रात से ही पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (WBSSC) के कार्यालय के बाहर डटे हुए हैं।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर (DI) के कार्यालय के बाहर धरना दिया था, जहां उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज और मारपीट का आरोप लगाया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें जबरन हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
8 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने 25,753 टीचर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्तियों को रद्द किए जाने के मामले में हस्तक्षेप की मांग की। राहुल गांधी ने अपील की कि निर्दोषों को नौकरी में बनाए रखा जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच पर लगाई आंशिक रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल कैबिनेट द्वारा अतिरिक्त पद सृजित किए जाने की CBI जांच पर रोक लगा दी। हालांकि कोर्ट ने भर्ती घोटाले की मुख्य जांच को जारी रखने का आदेश दिया।
BJP का हमला, नबन्ना मार्च का ऐलान
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूची समय पर नहीं सौंपी।








