
- मामूली विवाद ने छीनी ज़िंदगी, गोली से हुआ अंत
- जिस घर में बजने वाली थी शहनाई, वहां गूंजा मातम का सन्नाटा
- गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
अम्बेडकरनगर। अमृतसर की सड़कों पर रविवार की रात एक मजदूर की चीख खामोश हो गई। 32 वर्षीय गौतम, जो उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले का निवासी था, पिछले 20 वर्षों से पंजाब के माजीठा क्षेत्र के कलेर मांगट गांव के पास एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहा था। तेल भरवाने को लेकर हुए मामूली विवाद में उसे गोली मार दी गई।
घटना का विवरण
रात करीब 8 बजे, जब गौतम अपनी ड्यूटी पर था, एक ग्राहक के साथ हुआ विवाद इतना भयावह हो गया कि उसे नजदीक से गोली मार दी गई। रक्तरंजित हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिवार पर मौत का गहरा सदमा
गौतम अगले महीने अपने गांव लौटने वाला था। उसकी पत्नी मंदिरा देवी ने अभी 15 दिन पहले ही एक बेटे को जन्म दिया था, जबकि उसके छोटे भाई की शादी जून में होनी थी। अब परिवार में तीन मासूम बेटियाँ (10, 5 और 3 वर्षीय), एक नवजात बेटा, वृद्ध माँ और पत्नी बेसहारा रह गए हैं।
मजदूर पार्टी ने उठाए सवाल, मांगा मुआवजा
घटना की सूचना मिलते ही क्रांतिकारी मजदूर पार्टी के प्रतिनिधियों ने मामले की निंदा की और सरकार से मृतक के परिवार को मुआवजा तथा बच्चों की शिक्षा व पालन-पोषण की गारंटी की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन अभी तक हमलावर की पहचान या गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं दी गई है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।








