
गैंगरेप मामले की जांच के लिए SIT का गठन
डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार SIT प्रमुख बनाए गए
पुलिस कमिश्नर ने एक महीने में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही
वाराणसी। वाराणसी में हुए छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले ने प्रशासन से लेकर राजनीति तक को हिला कर रख दिया है। अब मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में SIT बनाई है और भरोसा जताया है कि एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
इस बीच, गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों के परिजनों ने प्रदर्शन करते हुए दावा किया कि उनके बेटे निर्दोष हैं और उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। गुरुवार को 100 से अधिक लोग कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। कमिश्नर ने इस पर प्रार्थना पत्र लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
पूरा मामला 29 मार्च को शुरू हुआ, जब 18 वर्षीय छात्रा को उसके दोस्त ने होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और अन्य युवकों को बुलाकर छात्रा से कई दिनों तक अलग-अलग जगहों पर गैंगरेप किया गया। छात्रा को नशीला पदार्थ देकर होटल, कैफे और कार में शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया। अंत में उसे सड़क पर फेंक दिया गया, जहां पुलिस ने उसे नशे की हालत में पाया।
पीएम नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान, उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर से नाराजगी जताई और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की बात कही। इसके तुरंत बाद कार्रवाई शुरू हुई और लापरवाही के आरोप में डीसीपी वरुणा, चंद्रकांत मीना को लखनऊ के डीजीपी ऑफिस अटैच कर दिया गया। सूत्रों का कहना है।








