
- गेहूं के खेत में अचानक भड़की आग, किसान की मेहनत पर बड़ा आघात
- दमकल और ग्रामीणों की मुस्तैदी से आग पर काबू, लेकिन नुकसान अपरिहार्य
- कटाई के बाद भी जल गए डंठल, किसान के चारे और मिट्टी की उर्वरता पर संकट
मरैला (अम्बेडकरनगर)। शुक्रवार दोपहर मरैला गांव में एक किसान के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई, जिससे करीब एक बीघा फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। घटना से किसान की मेहनत पर पानी फिर गया और ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी के बीच आग पर काबू पाया गया।
क्या हुआ था?
किसान अलगू राजभर के खेत में गेहूं की कटाई कुछ दिन पहले ही पूरी हुई थी, लेकिन खेत में बचे डंठलों में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैली और देखते ही देखते पूरे एक बीघा क्षेत्र में फैल गई। ग्रामीणों ने जैसे ही आग की सूचना दी, फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
ग्रामीणों और दमकलकर्मियों ने मिलकर बुझाई आग
आग की लपटें देखते ही गांव के लोग बाल्टी, पाइप और मिट्टी से आग बुझाने में जुट गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने भी तुरंत पहुंचकर पानी का छिड़काव किया। ग्रामीणों और दमकलकर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक खेत में बची फसल और भूसा जल चुका था।
किसान को हुआ भारी नुकसान
हालांकि फसल की कटाई हो चुकी थी, लेकिन खेत में बचे डंठल और भूसे का इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में किया जाना था। इसके अलावा, आग से मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हुई है। किसान अलगू राजभर ने बताया कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने का कारण अज्ञात
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी। संभावना जताई जा रही है कि गर्मी के कारण या फिर किसी की लापरवाही से आग फैली होगी। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर किसानों की दुर्दशा और प्राकृतिक आपदाओं के सामने उनकी असुरक्षा को उजागर कर दिया है।








