
- मस्क का ऐलान: भारत दौरे की तैयारियां शुरू
- पीएम मोदी और मस्क के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में साझेदारी की संभावनाएं
नई दिल्ली। टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क इस साल के अंत तक भारत दौरे पर आएंगे। उन्होंने शनिवार, 19 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की। यह घोषणा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई फोन पर बातचीत के एक दिन बाद की। मस्क ने अपने पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। मैं इस साल के अंत तक भारत आने की प्रतीक्षा कर रहा हूं।”
PM मोदी और मस्क के बीच टेक्नोलॉजी व इनोवेशन पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और मस्क के बीच शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। पीएम मोदी ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “इलॉन मस्क से बात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें इस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन डीसी में हुई हमारी मीटिंग से जुड़े विषय भी शामिल थे।” उन्होंने आगे कहा कि भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में अमेरिका के साथ साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि 12 और 13 फरवरी को पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे, जहां उनकी मस्क से मुलाकात भी हुई थी।
अप्रैल में भारत आएंगे टेस्ला के वरिष्ठ अधिकारी
टेस्ला की भारत में संभावित एंट्री को लेकर कंपनी के अधिकारी अप्रैल महीने में भारत आने वाले हैं। इस दौरान वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), भारी उद्योग मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, टेस्ला ने महाराष्ट्र के चाकन और संभाजीनगर, साथ ही गुजरात को संभावित मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुना है। कंपनी यहां शुरुआती चरण में 3 से 5 बिलियन डॉलर (लगभग 2.7 से 4.3 लाख करोड़ रुपए) का निवेश कर सकती है।
भारत में शुरू की गई हायरिंग
टेस्ला ने भारत में अपने संचालन की संभावनाओं को देखते हुए हायरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। 17 फरवरी को लिंक्डइन पर कंपनी ने 13 पदों के लिए भर्तियों की घोषणा की थी। इनमें कस्टमर सर्विस और बैकएंड ऑपरेशंस से जुड़े पद शामिल हैं।
इंपोर्ट ड्यूटी में राहत से बढ़ी संभावनाएं
टेस्ला और भारत सरकार के बीच पिछले कई वर्षों से बातचीत होती रही है, लेकिन अधिक इंपोर्ट ड्यूटी एक बड़ी बाधा रही। हालांकि अब भारत सरकार ने 40,000 डॉलर से अधिक मूल्य वाली इलेक्ट्रिक कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 70% कर दिया है। इससे टेस्ला के भारत में प्रवेश की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ गई हैं।








