
- नगर में गंदे पानी और प्रदूषण से निजात पाने का ऐतिहासिक अवसर
- जलालपुर में स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में निर्णायक कदम
- 40 नई सीवर लाइनों से नगर को मिलेगा स्वच्छ और व्यवस्थित सीवेज सिस्टम
अम्बेडकरनगर। वर्षों से जल प्रदूषण, दुर्गंध और मच्छरजनित बीमारियों से जूझ रहे जलालपुर नगर को अब शासन की एक बड़ी योजना से राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यहाँ 40 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना नगर के स्वास्थ्य और स्वच्छता में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।
तमसा नदी को हो रहा था प्रदूषित
जलालपुर की लगभग एक लाख की आबादी का गंदा पानी और कचरा अब तक नालों के जरिए सीधे तमसा नदी में जा रहा था, जिससे नदी का पानी विषैला हो गया था। इसके चलते नगरवासियों को दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और जलजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों के लगातार विरोध और मांग के बाद शासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का फैसला किया।
5000 वर्गमीटर जमीन पर बनेगा प्लांट
जल निगम, अयोध्या ने इस परियोजना के लिए नगर पालिका से 5000 वर्गमीटर जमीन की मांग की है। जल निगम के जूनियर इंजीनियर विवेक कुमार सिंह ने बताया कि “जैसे ही उपयुक्त जमीन चिन्हित होगी, निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। यह प्लांट नगर की तस्वीर बदल देगा।”
40 नई सीवर लाइनें और 9 नालों का होगा पुनर्निर्माण
इस योजना के तहत नगर में 40 नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी और 9 प्रमुख नालों को प्लांट से जोड़ा जाएगा। सभी छोटे-बड़े नालों को तीन मुख्य मार्गों से जोड़कर गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुँचाया जाएगा। इससे खुले नालों की समस्या समाप्त होगी और दुर्गंध व बीमारियों पर अंकुश लगेगा।
नदी, कृषि और पर्यावरण को मिलेगा लाभ
अब तक तमसा नदी में सीधे गिरने वाले अशोधित गंदे पानी को एसटीपी में फिल्टर और शुद्ध करके नदी में छोड़ा जाएगा। इससे नदी का जल प्रदूषण कम होगा, स्थानीय कृषि भूमि और भूजल स्रोत भी सुरक्षित होंगे।
स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ेगा जलालपुर
इस परियोजना के पूरा होने के बाद जलालपुर का पर्यावरण और जीवनस्तर बेहतर होगा। गंदे नालों और बीमारियों के डर की जगह स्वच्छता और हरियाली नजर आएगी। यह योजना जलालपुर को एक स्मार्ट और आधुनिक नगर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।









