
- धर्मगुरुओं ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की
- इस्लामिक सेंटर में मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि
- मदरसों में शांति और सुरक्षा के लिए दुआ
लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ लखनऊ में मुस्लिम धर्मगुरुओं और समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। दुआओं से लेकर कैंडल मार्च तक, हर माध्यम से शांति और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया।
लखनऊ के इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अगुवाई में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस मौके पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ की गई।
मदरसे के छात्रों और उलमा ने भी कश्मीर में अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की। मौलाना खालिद ने कहा कि इस प्रकार के हमले न केवल निर्दोषों की जान लेते हैं, बल्कि देश की एकता पर भी आघात करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि आतंकियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने भी हमले को शर्मनाक और अमानवीय करार देते हुए कहा कि किसी भी धर्म में निर्दोषों की हत्या की अनुमति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का विरोध हर स्तर पर होना चाहिए, चाहे वह कहीं भी हो।
शाम को लखनऊ के घंटाघर से रूमी गेट तक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांति और इंसानियत का पैगाम दिया। यह मार्च कश्मीर के शहीदों की याद में और आतंक के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बना।








