- आखिर क्यों नहीं उठाया अरविंद ने पिता का फोन
- क्या वीडियो कॉल पर हुआ झगड़ा बना आत्महत्या की वजह
- हॉस्टल के अंदर क्या मिला? पुलिस और फोरेंसिक टीम ने क्या खोजा
कानपुर। कानपुर के जीएसबीएम मेडिकल कॉलेज में एक 19 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र, जो बीसीजी टेक्नीशियन का कोर्स कर रहा था, के सोमवार देर रात हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका हुआ शव मिला। पुलिस के मुताबिक, एक लड़की से वीडियो कॉल पर हुए झगड़े के बाद उसने यह कदम उठाया।
क्या हुआ था?
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परिवार ने सोमवार सुबह से छात्र का फोन उठाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो वे रात करीब 12 बजे हॉस्टल पहुंचे।
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कमरा अंदर से बंद था। कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर छात्र का शव पंखे से लटका हुआ पाया।
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फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
प्रेम प्रसंग में झगड़ा हुआ था
डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला कि छात्र ने एक लड़की से वीडियो कॉल पर झगड़ा किया था, जिसके बाद उसने आत्महता कर ली। हालांकि, परिवार ने अभी तक किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
परिवार ने बताई पूरी कहानी
मृतक अरविंद प्रजापति मूल रूप से बांदा के बमरौला गांव का रहने वाला था। उसके पिता मोतीलाल ने बताया कि शनिवार को आखिरी बार बेटे ने उन्हें फोन किया था, क्योंकि उसका आधार कार्ड खो गया था। उन्होंने कहा, “उसने कभी कोई परेशानी नहीं बताई। न जाने उसने ऐसा क्यों किया।”
अरविंद पढ़ाई में मेधावी था और उसका डॉक्टर बनने का सपना था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसने बीसीजी टेक्नीशियन का कोर्स करना शुरू किया था। पिता ने कहा, “मैंने सोचा था कि बेटा अफसर बनकर लौटेगा, लेकिन आज उसका शव लेकर जा रहा हूं।”
क्या होता है बीसीजी टेक्नीशियन कोर्स?
बीसीजी टेक्नीशियन का कोर्स टीबी (तपेदिक) की रोकथाम और नियंत्रण से जुड़ा हुआ है। यह एक साल का डिप्लोमा कोर्स है, जिसे करने के बाद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी मिल सकती है।
परिवार में मातम
अरविंद के पिता शिक्षामित्र हैं और माता गृहिणी। उसकी दो छोटी बहनें हैं। परिवार मंगलवार को उसके शव को बांदा लेकर गया, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।








