कैसे आरोपी दरोगा ने नशे में चूर होकर कानून की धज्जियां उड़ाईं?

  • नशे में धुत दरोगा की वजह से हुई महिला की घायल अवस्था
  • हादसे के बाद भीड़ की तत्परता-दरोगा को कैसे पकड़ा गया
  • पुलिस की लापरवाही- क्या दरोगा का मेडिकल परीक्षण हुआ

कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक सरकारी दरोगा द्वारा नशे की हालत में कार चलाते हुए एक महिला को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। घटना के बाद भीड़ ने आरोपी दरोगा को पकड़कर थाने पहुंचाया, जहां पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए तुरंत कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी के पुलिसकर्मी होने के कारण उसे बचाने की कोशिश की गई।

क्या हुआ था?

26 अप्रैल की घटना का वीडियो आज सामने आया है। घटना गायत्री मंदिर के पास हुई, जहां पीड़िता पूनम (पति बलराम सिंह, हरदोई निवासी) फूल खरीद रही थीं। इसी दौरान नशे में धुत दरोगा कमलेश कुमार ने अपनी कार से उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूनम का पैर और पसलियां टूट गईं।

“चोट लगी तो कोई बात नहीं!”

घटना के बाद आरोपी दरोगा ने बेरुखी दिखाते हुए कहा, “चोट लग गई तो कोई बात नहीं!” इससे भीड़ भड़क गई और लोगों ने उसे पकड़कर थाने पहुंचा दिया। वीडियो में दरोगा नशे की हालत में दिख रहा है, जबकि पुलिस ने अभी तक उसका मेडिकल टेस्ट नहीं कराया है।

पुलिस ने की देरी से कार्रवाई

पीड़ित के पति बलराम सिंह (सरकारी शिक्षक) ने बताया कि थाने में पुलिस ने तहरीर लेने के बाद उन्हें घर भेज दिया, जबकि आरोपी दरोगा को नहीं पूछताछ की गई। दूसरे दिन दबाव बनाने पर ही एफआईआर दर्ज हुई। पूनम का सोमवार को पैर का ऑपरेशन हुआ है।

पुलिस का बयान

एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि आरोपी दरोगा साउथ जोन में तैनात है। उन्होंने दावा किया कि एफआईआर में नशे का जिक्र नहीं है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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