- पीड़िता की आवाज़- दहेज उत्पीड़न और दूसरी शादी का सच
- कानूनी सहायता- महिलाओं के लिए दहेज प्रताड़ना से बचने के उपाय
- पंचायतों के बाद भी क्यों नहीं रुकी दहेज की मांग
आलापुर (अम्बेडकरनगर)। शितारा लूटई निवासी मीना निषाद ने अपने पति सुरेंद्र निषाद और उनके चार परिजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना तथा दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
मीना ने बताया कि उसकी शादी 12 साल पहले सुरेंद्र निषाद से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल वालों ने दहेज में बाइक और ढाई लाख रुपये की मांग करते हुए उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कई बार मारपीट और पंचायतों के बाद भी उत्पीड़न नहीं रुका। तीन बच्चों के जन्म के बाद भी प्रताड़ना जारी रही।
दूसरी शादी का आरोप
मीना के मुताबिक, 2 जुलाई 2021 को सुरेंद्र ने दूसरी शादी कर ली और अपनी दूसरी पत्नी को लखनऊ ले गया। तब से वह अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ मजदूरी कर जीवनयापन कर रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि उसने 4 मार्च को आलापुर थाने और 10 मार्च को महिला थाने में घटना की सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी के हस्तक्षेप के बाद महिला थाने में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी शिवांगी त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।








