
- कर्मचारियों ने तानाशाही के आरोप लगाए, बढ़ाई गई प्रदर्शन की चेतावनी
- 80 कर्मचारियों के ट्रांसफर पर तीव्र विरोध, नियमों के उल्लंघन का आरोप
- दिव्यांग, बीमार और गर्भवती कर्मचारियों की प्राथमिकता की अनदेखी
लखनऊ। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल स्थित मुख्यालय पर शुक्रवार को नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (NRMU) के कार्यकर्ताओं ने सीनियर DCM के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने ‘सीनियर डीसीएम मुर्दाबाद’, ‘नहीं चलेगी तानाशाही’ और ‘अफसरशाही मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाकर रोष जताया। कार्यालय के बाहर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चला, जिसमें कर्मचारी एकता के नारे भी गूंजे।
अफसरशाही और तानाशाही के आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अधिकारियों की मनमानी के चलते कर्मचारी मानसिक दबाव में हैं। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगे नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को उत्तर रेलवे के अन्य केंद्रों तक फैलाया जाएगा और कामकाज प्रभावित होने की ज़िम्मेदारी रेलवे अधिकारियों की होगी।
ट्रांसफर को लेकर विरोध
मंडल मंत्री आर. के. पाण्डेय ने बताया कि रेलवे अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों का पिछले वर्ष ही तबादला हो चुका था, उन्हें एक बार फिर ट्रांसफर कर दिया गया है। खासकर वाणिज्य और सिग्नल-टेलीकॉम विभाग के कर्मचारियों को नियमों के विपरीत तबादले का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष कर्मचारियों की अनदेखी
यूनियन नेताओं का कहना है कि दिव्यांग, बीमार और गर्भवती कर्मचारियों को भी ट्रांसफर से नहीं बख्शा गया है, जबकि नियमों के तहत इन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कुल 80 कर्मचारियों का अचानक ट्रांसफर किया गया और उनसे जबरन स्टेशन तक छुड़वाए गए।
चेतावनी: आंदोलन को किया जाएगा तेज
यूनियन ने साफ कर दिया है कि अगर रेलवे प्रशासन ने जल्द सुनवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में उत्तर रेलवे के सभी मंडलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन का दावा है कि यह केवल शुरुआत है और कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संगठित रूप से आगे लड़ाई जारी रखेंगे।








