- धोखाधड़ी के जाल में फंसा ट्रांसपोर्टर- फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
- ठगी के आरोपी कौन थे? मुरादाबाद के मामले में पुलिस की कार्रवाई
- कैसे एक ट्रांसपोर्टर ने अपनी मेहनत की कमाई गंवाई- जानिए पूरा घटनाक्रम
मुरादाबाद। दिल्ली के एक प्रमुख ट्रांसपोर्टर विनय कुमार पांडे के साथ 3.46 करोड़ रुपये की ठगी की घटना सामने आई है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक नकली ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
ठगी का खुलासा हुआ जब भुगतान नहीं किया गया
विनय कुमार पांडे की ट्रांसपोर्ट कंपनी देश भर की नामचीन कंपनियों को ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदान करती है और वह एक्सपोर्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं। पांडे की मुलाकात उत्तराखंड के रुद्रपुर के शब्बू खान और मैनाठेर के मोहम्मद सुहेल से हुई थी, जिन्होंने खुद को ट्रांसपोर्टर बताकर उन्हें अगवानपुर स्थित अपनी कंपनी का माल सप्लाई करने के लिए 10 ट्रकों की बुकिंग की पेशकश की।
आरोपियों ने 10 नवंबर 2024 से 28 जनवरी 2025 तक कुल 200 ट्रक अलग-अलग राज्यों में भेजे, लेकिन इनकी बुकिंग का भुगतान पांडे को नहीं किया गया। जब पांडे ने पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने उनके खाते में केवल 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन कंपनी के खाते से भुगतान नहीं किया। इस पर पांडे को शक हुआ और उन्होंने जांच की तो पता चला कि न तो कोई कंपनी पंजीकृत है और न ही ट्रांसपोर्ट सेवा वैध है।
पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की
पुलिस ने शब्बू खान, मोहम्मद सुहेल, मोहम्मद यूनुस, मो. शाहवान और शुएब के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।








