- 128 वर्षीय स्वामी शिवानंद बाबा का निधन, पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया शोक
- स्वामी शिवानंद का जीवन- संघर्ष और साधना से भरी एक प्रेरणादायक कहानी
- स्वामी शिवानंद का योग के क्षेत्र में योगदान- पद्मश्री सम्मान प्राप्ति से पहले
वाराणसी। 3 मई की रात को 128 वर्षीय योग गुरु स्वामी शिवानंद बाबा का निधन हो गया। वह तीन दिनों से BHU के जेट्रिक वार्ड में भर्ती थे और शनिवार रात 8.45 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, और उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। स्वामी शिवानंद के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया।
आश्रम में रखा गया पार्थिव शरीर, सोमवार को होगा राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार
पार्षद अक्षयवर सिंह ने बताया कि स्वामी शिवानंद के अनुयायी सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं। उनके निधन की सूचना सभी अनुयायियों को दी जा चुकी है। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए दुर्गाकुंड स्थित उनके आश्रम में रखा गया है। सोमवार को मणिकर्णिका घाट पर उनका राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सीएम योगी का शोक संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पर लिखा, “योग के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाले काशी के प्रख्यात योग गुरु ‘पद्म श्री’ स्वामी शिवानंद जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उनकी साधना एवं योगमय जीवन संपूर्ण समाज के लिए महान प्रेरणा है। भगवान श्री काशी विश्वनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति प्रदान करें और उनके शोकाकुल अनुयायियों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति!”








