
- अधूरे आवास निर्माण पर प्रशासन का कड़ा रुख
- मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में लापरवाही पर प्रशासन का कार्रवाई आदेश
- लाभार्थियों की लापरवाही से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग
अम्बेडकरनगर। मुख्यमंत्री आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के तहत अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना निदेशक अनिल सिंह ने सोमवार को भियांव और जलालपुर विकास खंड के ग्राम सचिवों तथा चयनित लाभार्थियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान निर्देश दिया गया कि जिन लाभार्थियों ने आवास निर्माण समय पर पूरा नहीं किया है, उनकी जाँच की जाएगी और कार्रवाई होगी।
सरकारी धन के दुरुपयोग पर एफआईआर की तैयारी
बैठक में खुलासा हुआ कि कई लाभार्थियों को निर्माण के लिए धनराशि मिल चुकी है, लेकिन काम अधूरा पड़ा है। इसे सरकारी संसाधनों की बर्बादी मानते हुए परियोजना निदेशक ने संबंधित बीडीओ को ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि “योजनाओं के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
निदेशक ने ग्राम सचिवों को निर्देश दिया कि वे लाभार्थियों से संपर्क बनाए रखें और उन्हें समयसीमा में काम पूरा करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, जहाँ निर्माण शुरू ही नहीं हुआ या रुका हुआ है, वहाँ संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
3 दिन में रिपोर्ट, नहीं तो कार्रवाई
दोनों ब्लॉकों के अधिकारियों को 3 कार्यदिवस के भीतर प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। यदि सुधार नहीं होता, तो अगले चरण में कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। बैठक में लाभार्थियों को योजना की शर्तों से फिर अवगत कराया गया, ताकि आवासीय योजनाएँ समय पर पूरी हो सकें और जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।








