किराए के कमरे में चल रहा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय

  • चिकित्सालय अभी किराए के निजी भवन में संचालित
  • डॉक्टरों और स्टाफ को सीमित संसाधनों में करना पड़ रहा कार्य
  • कई बार भूमि चिन्हित करने के लिए भेजा गया प्रस्ताव

अंबेडकरनगर (जलालपुर)। जलालपुर क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय वर्षों से खुद के भवन की बाट जोह रहा है। वर्तमान में यह चिकित्सालय एक किराए के निजी भवन में संचालित हो रहा है, जहां चिकित्सक और स्टाफ सीमित संसाधनों के बीच मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार प्रदान कर रहे हैं।

चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर संजय सिंह ने बताया कि भवन की स्थायी व्यवस्था को लेकर कई बार प्रस्ताव विभाग को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा उप जिलाधिकारी जलालपुर को भी प्रार्थना पत्र सौंपकर चिकित्सालय हेतु भूमि चिन्हित करने का अनुरोध किया गया था।

अस्थायी भवन में सीमित सुविधा
वर्तमान में चिकित्सालय जिस निजी भवन में संचालित है, वहां मरीजों के बैठने, उपचार और दवाओं के वितरण के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। बरसात और भीड़ के समय मरीजों को काफी असुविधा होती है। चिकित्सक संजय सिंह ने बताया कि न तो पूर्ण रूप से दवाओं के भंडारण की सुविधा है, और न ही आवश्यक औषधीय प्रक्रियाओं के लिए उपयुक्त कक्ष।

स्थायी भवन से मिल सकती हैं बेहतर सेवाएं
डॉक्टर सिंह का कहना है कि यदि चिकित्सालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराई जाए, तो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित संरचना और स्टाफ के साथ आयुर्वेदिक सेवाएं बेहतर ढंग से दी जा सकती हैं। इससे न केवल मरीजों को लाभ होगा, बल्कि सरकार की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी ग्रामीण क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।

प्रशासन से बार-बार अनुरोध के बाद भी कार्रवाई लंबित
स्थानीय प्रशासन को कई बार मौखिक और लिखित रूप में अवगत कराने के बावजूद जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है।

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