
- नगर निगम कैंप विवाद: पार्षद और अधिकारियों के बीच जुबानी जंग
- प्रॉपर्टी टैक्स मामले में उठे सवाल, पार्षद पर लगे गंभीर आरोप
- संजय गुप्ता ने क्यों बंद करवा दिया नगर निगम का हाउस एसेसमेंट कैंप
लखनऊ। सोमवार को लखनऊ नगर निगम के जोन 5 के पंडित खेड़ा इलाके में पार्षद गीता देवी के बेटे संजय गुप्ता और नगर निगम अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। संजय ने हाउस टैक्स असेसमेंट कैंप को बंद करा दिया और आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पार्षद की छवि खराब करने की कोशिश की है।
क्या है विवाद?
क्षेत्र में 2024 से प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाना था, लेकिन निगम अधिकारियों ने कई लोगों से 2019 से टैक्स जमा कर लिया। जब लोगों ने पूछा कि पहले जमा किया गया पैसा क्या होगा, तो अधिकारियों ने कहा कि वह राशि पार्षद के पास चली गई। यह सुनकर संजय गुप्ता कैंप पहुंचे और उन्होंने पार्षद पर लगे आरोपों का विरोध करते हुए कैंप बंद करा दिया।
पार्षद ने मेयर और नगर आयुक्त से की शिकायत
भाजपा पार्षद गीता देवी के बेटे संजय गुप्ता ने इस मामले में नगर आयुक्त गौरव कुमार और मेयर सुषमा खर्कवाल को शिकायत पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय जनप्रतिनिधि को सूचना दिए कैंप लगाया गया, जिस पर अधिकारियों ने खेद जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर अधीक्षक द्वारा लगाए गए इस कैंप में समिति को जानकारी दी गई, लेकिन पार्षद को नहीं बताया गया।
कैंप शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही बंद
नगर निगम की ओर से पंडित खेड़ा में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हाउस टैक्स कैंप लगाया गया था, लेकिन विवाद के बाद सुबह 11 बजे ही इसे बंद कर दिया गया। इस दौरान करीब 260 फॉर्म जमा हुए, जिनमें कई लोगों का टैक्स 2019 से 2022 तक का लगाया गया था। यह कैंप पंडित खेड़ा समग्र विकास समिति के सहयोग से आयोजित किया गया था।
समिति का आरोप – पार्षद कर रहे थे अवैध वसूली
समिति के अध्यक्ष विनीत मिश्रा ने आरोप लगाया कि पार्षद इस कैंप का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अब तक उनके द्वारा लाखों रुपए की अवैध टैक्स वसूली की गई थी। उन्होंने कहा, “जब वे जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे थे, तब उन्हें शर्म नहीं आई, लेकिन आज जब लोगों ने कैंप में आकर अपना असेसमेंट कराया, तो उन्हें विरोध करना पड़ा।”








