
- हलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद एयर स्ट्राइक
- PoK में 9 आतंकी ठिकानों को भारतीय सेना ने किया तबाह
- शहीद शुभम की पत्नी ने कहा – “पति का बदला पूरा हुआ”
कानपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के बाद शहीद शुभम द्विवेदी के घर पहुंचे उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
शहीद की पत्नी बोलीं- बदला पूरा हुआ, अब शांति मिली
शुभम की पत्नी ऐशन्या ने कहा, “मेरे पति की मौत का बदला मिल गया। ऑपरेशन सिंदूर ने कलेजे को ठंडक पहुंचाई है। अगर आतंकवाद नहीं रुका तो न जाने कितने और घर उजड़ जाएंगे। मैं प्रधानमंत्री मोदी और सेना का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने यह जवाब दिया।”
“पैर न छुएं… सिर पर हाथ रख दीजिए आशीर्वाद”: ऐशन्या
सतीश महाना जब ऐशन्या से मिलने पहुंचे और सांत्वना देते हुए उनके पैर छूने लगे, तो ऐशन्या ने महाना का हाथ पकड़ते हुए कहा, “पैर न छुएं… बस सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दीजिए।” महाना ने सिर पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया और पूरे परिवार को मजबूत रहने का भरोसा दिया।
शहीद के पिता बोले – ‘हमारा दर्द कम हुआ, सरकार का धन्यवाद’
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे दुख को कुछ हद तक कम किया है। मेरी बहू का सिंदूर उजाड़ने वालों का अंत किया गया। अब आतंकियों को जवाब मिल गया है। यह आतंकवाद के खात्मे की दिशा में बड़ा कदम है।”
“अगर युद्ध हुआ तो पाकिस्तान नक्शे से मिट जाएगा” – पिता का बयान
उन्होंने आगे कहा, “हमारे प्रधानमंत्री ने जो कहा था, वो करके दिखाया। ऑपरेशन अब तब तक चलना चाहिए जब तक आतंकवाद का पूरी तरह से खात्मा न हो जाए। हमारी सेना का प्रहार इतना सटीक है कि अगर युद्ध हुआ तो पाकिस्तान का नाम-ओ-निशान मिट जाएगा।”
पहली गोली शुभम को मारी गई थी
22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 40 से ज्यादा टूरिस्ट पर आतंकियों ने हमला किया था। सबसे पहले शुभम से पूछा गया कि वह हिंदू है या मुसलमान। जब उसने और उसकी पत्नी ने जवाब दिया कि वे हिंदू हैं, तो शुभम को पहली गोली मारी गई। इसके बाद 27 लोगों की जान गई।








