- MRF ने चौंकाया: तिमाही नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर
- शेयरधारकों को तोहफा- अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड
- एक महीने में 27% चढ़ा शेयर, निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले
नई दिल्ली। भारत की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी MRF (मद्रास रबर फैक्ट्री) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 512 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह मुनाफा सालाना आधार पर 29% अधिक है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को 396 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
ताजा तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 7,075 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 6,349 करोड़ रुपए से 11.4% ज्यादा है। कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों मोर्चों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
निवेशकों को मिला बड़ा रिटर्न, ₹229 का डिविडेंड
तिमाही नतीजों के साथ MRF ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने प्रति शेयर 229 रुपए का रिकॉर्ड फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है, जो अब तक का सबसे ऊंचा डिविडेंड है।
शेयरों में जबरदस्त तेजी, 1.5 लाख का रिकॉर्ड स्तर पार कर चुका है स्टॉक
MRF के शेयरों में भी बीते एक महीने में 27% की तेजी देखने को मिली है। तिमाही नतीजों के बाद सोमवार को कंपनी का स्टॉक 4% की उछाल के साथ 1,40,240 रुपए पर कारोबार करता देखा गया। एक साल में कंपनी के शेयर में 13%, जबकि छह महीनों में 16% की बढ़त दर्ज की गई है।
जनवरी 2024 में MRF का स्टॉक पहली बार 1.5 लाख रुपए के स्तर को पार कर गया था। 17 जनवरी को ट्रेडिंग सेशन में इसने 1,50,254.16 रुपए का ऑल टाइम हाई छुआ था।
स्टॉक महंगा क्यों? अब तक नहीं हुआ शेयर स्प्लिट
MRF के स्टॉक की ऊंची कीमत का बड़ा कारण यह है कि कंपनी ने 1975 के बाद से कभी अपने शेयर को स्प्लिट नहीं किया। हालांकि, 1970 में 1:2 और 1975 में 3:10 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए गए थे।
MRF की वैश्विक पकड़: 75+ देशों में एक्सपोर्ट
भारत में टायर इंडस्ट्री का आकार 60,000 करोड़ रुपए से अधिक है, जिसमें MRF प्रमुख खिलाड़ी है। कंपनी के पास देशभर में 2,500 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं और यह दुनिया के 75 से अधिक देशों में अपने उत्पाद एक्सपोर्ट करती है।








