
- 22 अप्रैल की एयर स्ट्राइक- शहीद शुभम के परिवार को न्याय मिला!
- ऐशन्या का आभार- प्रधानमंत्री मोदी और सेना को दिल से धन्यवाद
- सैन्य कार्रवाई- आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक जीत
कानपुर। पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके बड़ा एक्शन लिया। इस ऑपरेशन के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शहीद शुभम द्विवेदी के कानपुर स्थित घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार को सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी।
पति के मौत का बदला पूरा हुआ,” पत्नी ऐशन्या ने कहा
शुभम की पत्नी ऐशन्या ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने मेरे कलेजे को ठंडक पहुंचाई। आतंकवाद नहीं खत्म हुआ तो सारे घर ऐसे ही उजड़ जाएंगे।” जब महाना ने उनके पैर छूने की कोशिश की, तो ऐशन्या ने कहा, “आप पैर न छूएं, सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दीजिए।”
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने कहा, “मेरी बहू का सिंदूर उजाड़ने वालों का विनाश करने का काम सरकार ने किया। हमारा परिवार अब हल्का महसूस कर रहा है।”
यही है शुभम को सच्ची श्रद्धांजलि
ऐशन्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना को धन्यवाद देते हुए कहा, “मैं पीएम मोदी का आभार व्यक्त करती हूं। उन्होंने हमारे भरोसे को कायम रखा। यही मेरे पति को सच्ची श्रद्धांजलि है।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने साबित किया कि वह हमारे साथ है। मैंने हमेशा कहा था कि सेना बदला लेगी। यह लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है।”
शहीद का दर्जा मिलना चाहिए
ऐशन्या ने मांग की कि न सिर्फ शुभम, बल्कि पहलगाम हमले के सभी शहीदों को यह दर्जा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर आतंकवाद नहीं रुका, तो हिंदू राष्ट्र का क्या मतलब?”
शुभम के चाचा मनोज द्विवेदी ने कहा, “हमारा दिल बदले की आग से जल रहा था, लेकिन आज जवानों ने ठंडक पहुंचाई।”
पाकिस्तान नक्शे से गायब हो जाएगा
संजय द्विवेदी ने कड़े शब्दों में कहा, “पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकवाद को मिट्टी में मिला देंगे, और उन्होंने यह कर दिखाया। अगर युद्ध हुआ, तो पाकिस्तान नक्शे से गायब हो जाएगा।”
क्या हुआ था पहलगाम हमले में?
22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने टूरिस्ट्स पर हमला किया था। शुभम से पहले यह सवाल पूछा गया, “हिंदू हो या मुसलमान?” जवाब मिलने पर पहली गोली उन्हीं को मारी गई। इस हमले में कुल 27 लोगों की मौत हुई थी।








