- गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग की त्वरित तैयारियां, क्या हैं नए कदम?
- अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारियां, कौन-कौन से बदलाव हो रहे हैं?
- स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द, अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा
गुरुग्राम। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए गुरुग्राम के स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
आरक्षित बेड और छुट्टियां रद्द
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अलका सिंह ने बताया कि सभी अस्पतालों को 20-25% बेड आपातकाल के लिए आरक्षित रखने को कहा गया है। साथ ही, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कोविड जैसी तैयारी, मेडिकल स्टॉक जुटाए
सीएमओ ने कहा, *”हम कोविड-19 के अनुभव से सीख लेकर यह तैयारी कर रहे हैं।”* अस्पतालों को दवाइयों, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है। आपातकालीन वार्ड बनाने की भी योजना बनाई जा रही है।
डॉक्टरों की टीम तैयार
ईएनटी एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सारिका वर्मा ने कहा, “गुरुग्राम के डॉक्टर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। देशहित में हम कोविड की तरह दिन-रात काम करेंगे।”
अफवाहों से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी लें। सीएमओ ने कहा, “यह सिर्फ एक सावधानी है, अभी स्थिति सामान्य है। पैनिक करने की जरूरत नहीं।”
गुरुग्राम के कई अस्पतालों ने पहले ही अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निगरानी भी बढ़ा दी गई है।








