
- SMBC को क्यों भाया भारत का यस बैंक
- यस बैंक में विदेशी निवेश का क्या होगा असर
- SBI अपनी हिस्सेदारी क्यों बेच रहा है
मुंबई। जापान की प्रमुख वित्तीय संस्था सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) ने भारत के प्राइवेट सेक्टर बैंक यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। यह डील ₹21.5 प्रति शेयर के भाव से ₹13,483 करोड़ में पूरी होगी।
किनसे खरीदी जाएगी हिस्सेदारी?
- SBI (भारतीय स्टेट बैंक) अपनी 13.19% हिस्सेदारी ₹8,889 करोड़ में बेचेगा।
- बाकी 6.81% हिस्सेदारी एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, ICICI और HDFC सहित 7 बैंकों से ₹4,594 करोड़ में खरीदी जाएगी।
RBI और CCI की मंजूरी का इंतजार
यह डील भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की मंजूरी के बाद पूरी होगी।
SMBC का भारत पर फोकस
SMBC के प्रेजिडेंट अकिहिरो फुकुतोमे ने कहा, “भारत हमारे लिए प्राथमिकता वाला मार्केट है। यस बैंक में यह निवेश हमारी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।”
यस बैंक के CEO ने जताई खुशी
यस बैंक के CEO प्रशांत कुमार ने कहा, “SMBC का निवेश हमारी ग्रोथ को नई गति देगा। SBI अब भी हमारा अहम साथी रहेगा।”
शेयर में 10% की तेजी
इस खबर के बाद यस बैंक के शेयर BSE पर 10% चढ़कर ₹20.05 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में कंपनी के शेयर ने 16.84% का रिटर्न दिया है, जबकि 5 दिनों में 13.79% की बढ़त दर्ज की गई।
2023 में नहीं हुई थी डील
2023 में SMBC ने यस बैंक में 51% वोटिंग राइट्स की मांग की थी, लेकिन भारतीय कानून (जो 26% वोटिंग राइट्स की सीमा तय करता है) के कारण डील नहीं हो पाई थी। इस बार SMBC ने 26% वोटिंग राइट्स की सीमा स्वीकार कर ली है, लेकिन वह यस बैंक के बोर्ड में अपने डायरेक्टर्स नामित कर प्रबंधन पर प्रभाव चाहती है।
यस बैंक का नेटवर्क
- 1,200+ ब्रांच
- 1,300+ ATM
- 82 लाख से ज्यादा कस्टमर्स
- 710+ शहरों में उपस्थिति
यस बैंक की स्थापना 2004 में राणा कपूर ने की थी। वर्तमान में बैंक का मार्केट कैप ₹62,000 करोड़ से अधिक है।








