क्यों बदली गई कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका की यूनिफॉर्म?

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस की वर्दी ने क्यों खींचा सबका ध्यान?
  • 7 मई को दिखी शांति की झलक, 8-9 को युद्ध की तैयारी!
  • कैमोफ्लाज वर्दी से क्या संकेत दे रही है भारतीय सेना?

नई दिल्ली। भारत द्वारा 6-7 मई की रात पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद न केवल रणनीतिक मोर्चे पर हलचल रही, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों की यूनिफॉर्म भी चर्चा का विषय बन गई। 7 मई को सुबह 10 बजे जब इस ऑपरेशन की जानकारी दी गई, तब आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह क्रमशः ऑलिव ग्रीन और नीली सर्विस यूनिफॉर्म में नजर आईं। लेकिन 8 और 9 मई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों अधिकारी कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म में दिखीं।

अब सवाल यह उठता है कि इन यूनिफॉर्म्स का बदलना आखिर किस बात का संकेत है? और इनका क्या मतलब होता है?

कर्नल कुरैशी की ऑलिव ग्रीन वर्दी – शांति और प्रशासन का संकेत

7 मई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने जो ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनी थी, वह भारतीय सेना की सर्विस यूनिफॉर्म है। यह वर्दी सामान्य दिनों में ऑफिस कार्य, प्रशासनिक कामकाज और शांति प्रक्रियाओं के दौरान पहनी जाती है। यह युद्ध नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति की प्रतीक होती है।

इसके अलावा सेना के पास एक विशेष सेरिमोनियल यूनिफॉर्म भी होती है, जो परेड और औपचारिक समारोहों में पहनी जाती है। इसमें ऊंचा कॉलर, मेटल सिम्बल्स और फैंसी जैकेट शामिल होते हैं।

कैमोफ्लाज वर्दी – युद्ध और ऑपरेशन का संकेत

8 और 9 मई को जब हालात तनावपूर्ण हो गए, तो दोनों अधिकारियों ने कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म पहनी। यह वर्दी जंगल, रेगिस्तान या शहरी इलाकों में मिशन के दौरान पहनने के लिए बनाई जाती है। इसका उद्देश्य है – दुश्मन से खुद को छिपाना और परिवेश में घुल-मिल जाना।

यह वर्दी मजबूत लेकिन हल्के कपड़े से बनाई जाती है और इसमें कई जेबें होती हैं ताकि ऑपरेशन के दौरान जरूरत का सामान आसानी से रखा जा सके। यही यूनिफॉर्म ट्रेनिंग, युद्ध और इमरजेंसी ऑपरेशन में इस्तेमाल की जाती है।

एयरफोर्स की नीली वर्दी – खुले आसमान का प्रतीक

7 मई को विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने जो नीली शर्ट और काली पैंट की यूनिफॉर्म पहनी थी, वह एयरफोर्स की सर्विस यूनिफॉर्म है। नीला रंग खुले आसमान का प्रतीक माना जाता है। यह यूनिफॉर्म भी ऑफिस और फॉर्मल इवेंट्स के लिए होती है।

उड़ान के दौरान पायलट्स और एयर-क्रू फ्लाइंग सूट पहनते हैं, जो खास मटेरियल से बनता है ताकि आग न पकड़ सके। इसमें कई जेबें भी होती हैं।

एयरफोर्स के पास भी युद्ध या हाई-टेंशन हालात में पहनने के लिए कॉम्बैट यूनिफॉर्म होती है, जो ग्रे और नीले रंग की होती है।

नौसेना की यूनिफॉर्म – अनुशासन और अखंडता की प्रतीक

हालांकि इस ऑपरेशन में नौसेना की प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि नहीं हुई, फिर भी जानकारी के तौर पर यह जानना जरूरी है कि भारतीय नौसेना की वर्दी आमतौर पर सफेद होती है। यह शांति, अनुशासन और अखंडता का प्रतीक मानी जाती है और फॉर्मल व प्रशासनिक कार्यों के दौरान पहनी जाती है।

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