
लखनऊ। लखनऊ के लालजी टंडन वार्ड अंतर्गत नरौना गांव में खुले निर्माणाधीन नाले में बग्घी गिरने से दो घोड़े गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बग्घी चालक बाल-बाल बच गया। इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव में जल निकासी के लिए करीब एक किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण पिछले एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन अब तक यह कार्य अधूरा है। निर्माण स्थल पर न तो बैरिकेडिंग लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इसी लापरवाही के कारण सड़क से गुजर रही बग्घी अचानक खुले नाले में फिसल गई और पलट गई।
हादसे के समय चालक ने कूदकर अपनी जान बचा ली। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व बग्घी मालिक की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद घोड़ों को नाले से बाहर निकाला गया। दोनों घोड़े गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा है।
स्थानीय निवासी विजय पाल ने बताया कि यह नाला धर्म यादव के घर से काकोरी मोड़ के पास सर्वेश यादव के मकान तक बनाया जा रहा है, लेकिन एक साल बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने नाले के आसपास घेराबंदी न होने को सबसे बड़ी लापरवाही बताया।
ग्रामीणों ने ठाकुरगंज की उस घटना का भी जिक्र किया, जिसमें बारिश के दौरान खुले नाले में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने नगर निगम से मांग की है कि खुले नालों की तुरंत घेराबंदी कराई जाए, निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।









