
- आगरा में बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय हत्या केस में कोर्ट ने फैसला सुनाया
- पत्नी प्रियंका और साले कृष्णा को आजीवन कारावास
- ससुर बिजेंद्र रावत को 7 साल की जेल
आगरा। बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय की हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सचिन की पत्नी प्रियंका और साले कृष्णा को आजीवन कारावास, जबकि ससुर और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत को 7 साल की जेल की सजा दी गई है। तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
हत्या का मामला और जांच
सचिन उपाध्याय की हत्या 2 साल पहले उनके ही घर में हुई थी। प्रारंभ में मामला आत्महत्या प्रतीत हुआ, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार की शिकायत के बाद हत्या का खुलासा हुआ। रिपोर्ट में साफ किया गया कि मौत आत्महत्या या प्राकृतिक नहीं, बल्कि हत्या थी।
कोर्ट में गवाहियों और सजा
कोर्ट में 18 लोगों की गवाही ने सच्चाई सामने लाने में मदद की। अदालत ने पाया कि पत्नी, ससुर और साले ने मिलकर सचिन को बेरहमी से पीटा और गर्म सरिए व डंडों से हमला किया, जिससे उनकी मौत हुई।
पारिवारिक विवाद और हत्या की योजना
सचिन की शादी 9 साल पहले प्रियंका से हुई थी। परिवार में विवाद पेट्रोल पंप आवेदन और जमीन-संपत्ति के कारण बढ़ा। 11 अक्टूबर 2023 को गांव से लौटने पर प्रियंका, उसके पिता और भाई ने मिलकर सचिन को घर में बंद करके पीटा और हत्या कर दी।








