
प्रयागराज/जयपुर। प्रयागराज के लाहुरपार गांव निवासी 36 वर्षीय सुमित को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद परिवार में गहरा सदमा है। आरोपी को 22 मार्च को राजस्थान इंटेलिजेंस ब्यूरो ने असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन से पकड़ा था, जहां वह एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर तैनात था।
आरोप है कि सुमित ने लड़ाकू विमानों की लोकेशन समेत अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचाई। 23 मार्च को उसे जयपुर के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 2 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया।
इस पूरे मामले पर आरोपी के पिता बेनीमाधव ने कहा कि अगर उनके बेटे ने देश के साथ गद्दारी की है, तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बेटे के इस कृत्य से परिवार शर्मसार हुआ है और अब उससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन पिता होने के नाते पीड़ा होना स्वाभाविक है।
पिता ने बताया कि सुमित पिछले 11 साल से घर नहीं आया था और परिवार से उसका संपर्क भी लगभग खत्म हो गया था। यहां तक कि अपने भाई की शादी में भी वह शामिल नहीं हुआ। मां के फोन करने पर भी वह व्यस्तता का हवाला देकर बातचीत टाल देता था।
परिवार के अनुसार, सुमित पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर है। उसके अन्य भाई गांव में दूध का काम करते हैं, जबकि एक भाई एयरफोर्स में कार्यरत है। सुमित को नौकरी एक एयरफोर्स अधिकारी के संपर्क में आने के बाद 2011 में असम में मिली थी।
भाभी रानी के मुताबिक, सुमित ने शिलांग में शादी की है और उसका एक 12 साल का बेटा भी है। हालांकि, परिवार का उससे अब कोई संपर्क नहीं है और लंबे समय से वह घर से दूर रह रहा था।








