अंबेडकरनगर। जलालपुर बार एसोसिएशन ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर न्यायिक कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया है। यह फैसला एक आपात बैठक के बाद लिया गया, जिसमें तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए गए। एसोसिएशन ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्यायिक व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी दी है।
अधिकारियों और स्टाफ के व्यवहार पर सवाल
बार एसोसिएशन की ओर से उपजिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि तहसील में कार्यरत उपजिलाधिकारी सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों और उनके स्टाफ का व्यवहार अधिवक्ताओं के प्रतिकूल है। आरोप लगाया गया है कि भ्रष्टाचार और मनमानी के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संपन्न नहीं हो पा रहा है, जिससे अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त बैठक तक बहिष्कार का ऐलानसंयुक्त बैठक तक बहिष्कार का ऐलान
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक बार और बेंच की संयुक्त बैठक कर समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। संगठन का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे अधिवक्ताओं को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
चौथे दिन भी ठप रहा न्यायिक कार्य
सोमवार को बहिष्कार के चौथे दिन भी अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा। इसके चलते तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। विभिन्न मामलों में तारीख पर पहुंचे वादकारियों को बिना काम के लौटना पड़ा, जिससे उन्हें समय और धन दोनों की हानि उठानी पड़ी।








