अंबेडकर नगर। प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में औद्योगिक विकास लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन तंत्र के प्रभाव से जिला निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभरता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार, आधारभूत ढांचे के विस्तार और सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में निवेश का भरोसेमंद माहौल तैयार हुआ है।
2436 करोड़ के एमओयू, 362 निवेशकों की भागीदारी
जिले में अब तक 362 निवेशकों द्वारा 2436 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किए जा चुके हैं। इन निवेशकों में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल सहित कई औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों के उद्यमी शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल के निवेशकों की भागीदारी भी जिले की औद्योगिक साख को दर्शाती है। निवेश प्रस्ताव अब कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर तेजी से आकार ले रहे हैं।
ग्राउंड ब्रेकिंग से उत्पादन तक पहुंचीं 224 इकाइयां
औद्योगिक निवेश का असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखने लगा है। जिले में 244 औद्योगिक इकाइयों ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में भाग लिया, जबकि 224 इकाइयों ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। इन इकाइयों में 1774 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सिंगल विंडो सिस्टम से आसान हुई निवेश प्रक्रिया
निवेशकों को समयबद्ध और पारदर्शी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। एनओसी, अनुमतियों और प्रोत्साहनों की प्रक्रिया सरल होने से निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में तेजी आई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था निवेश के लिए उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है।








