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क्रिकेट जगत में असहज अनुभव: अनाया बांगर की आपबीती
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क्रिकेट से जेंडर चेंज तक: अनाया बांगर का संघर्षपूर्ण सफर
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जेंडर पहचान और क्रिकेट: अनाया बांगर ने कैसे बदल दी अपनी जिंदगी
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर (पूर्व नाम: आर्यन) ने हाल ही में अपने जेंडर ट्रांजिशन और क्रिकेट जगत में भेदभाव की दर्दनाक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ क्रिकेटर्स ने उन्हें गालियां दीं, एक ने नग्न तस्वीरें भेजीं, तो एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने “साथ सोने” का अनुचित प्रस्ताव रखा।
“कार में सोने का ऑफर दिया”
अनाया ने एक इंटरव्यू में कहा, “जब मैंने एक पुराने क्रिकेटर को अपनी जेंडर आइडेंटिटी के बारे में बताया, तो उसने कहा— ‘चलो कार में चलते हैं, मैं तुम्हारे साथ सोना चाहता हूं।'” उन्होंने आगे बताया कि कुछ खिलाड़ी उन्हें सार्वजनिक रूप से गालियां देते थे, लेकिन बाद में उनकी तस्वीरें मांगते थे।
पिता ने कहा— “क्रिकेट में जगह नहीं”
अनाया को परिवार का सपोर्ट मिला, लेकिन पिता संजय बांगर ने साफ कहा कि क्रिकेट का माहौल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अनुकूल नहीं है। इसके बाद उन्होंने खुद को स्थापित करने का फैसला किया।
8 साल की उम्र में पहचाना अंतर
अनाया ने बताया, “मैं 8-9 साल की उम्र में ही महसूस करने लगी थी कि मैं गलत शरीर में हूं। मैं मां के कपड़े पहनकर शीशे के सामने खुद को लड़की कहती थी।”
यशस्वी, सरफराज के साथ खेला, पर राज छिपाया
अनाया ने यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान और मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ क्लब क्रिकेट खेला, लेकिन अपनी जेंडर आइडेंटिटी छिपाकर रखी। उन्होंने मुंबई और इंग्लैंड (मैनचेस्टर) में काउंटी क्रिकेट भी खेला, जहां उन्होंने एक मैच में 145 रनों की पारी भी जमाई। हालांकि, 2023 में हार्मोन थेरेपी शुरू होने के बाद उनका क्रिकेट करियर प्रभावित हुआ और वे इससे दूर हो गईं।
ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आवाज उठाई
अनाया अब खेल जगत में LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं। उनकी कहानी ने क्रिकेट में इनक्लूसिविटी और जेंडर संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है।








