क्या म्यांमार में चल रहे कैंप भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं?

  • उग्रवाद के पीछे कौन-सी विचारधारा काम कर रही है?
  • म्यांमार में चल रहे ट्रेनिंग कैंपों का क्या है सच?
  • तानीलैंड की मांग क्यों बनी आंतरिक सुरक्षा का खतरा?

ईटानगर।  अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने तानी समुदाय के लिए अलग राज्य “तानीलैंड” की मांग करने वाले उग्रवादी संगठनों से जुड़े गिरोह को ध्वस्त करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ तानीलैंड (NSCT) और उसकी सशस्त्र शाखा यूनाइटेड तानी आर्मी (UTA) के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह युवाओं की जबरन भर्ती, हथियारों की तस्करी और सीमा पार अपराधों में शामिल था।

मामले की जांच कैसे शुरू हुई?

जनवरी में NSCT नेता एंथनी डोक द्वारा सोशल मीडिया पर धमकी भरे वीडियो और संदेश वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। एंथनी पर पहले से ही 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

युवाओं की जबरन भर्ती और यातना

खुफिया जानकारियों से पता चला कि पापुम पारे जिले के तरास्सो इलाके से एक नाबालिग लड़के को म्यांमार स्थित उग्रवादी प्रशिक्षण कैंप में भेजा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि तीन अन्य युवाओं को ईटानगर से उठाकर UTA में शामिल करने के लिए मजबूर किया गया। इनमें से दो युवा बाद में भागने में सफल रहे और उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक व मानसिक यातना की शिकायत की।

हथियार तस्करी और नशा व्यापार का नेटवर्क

  • 30 अप्रैल को पुलिस ने NSCN-KYA से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो ठेकेदारों से जबरन वसूली कर उग्रवादी गतिविधियों को फंड कर रहा था। उससे हथियार व गोलाबारूद बरामद हुए।

  • पूछताछ में खुलासा हुआ कि ईटानगर में एक बड़ा हथियार तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जिसका संबंध नगालैंड के उग्रवादी संगठनों से है।

  • नशीले पदार्थों की तस्करी से भी इस नेटवर्क का जुड़ाव पाया गया। गोहपुर-चिम्पू कॉरिडोर में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर नशीला पदार्थ जब्त किया गया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, लेकिन जांच जारी है।

तानीलैंड की मांग क्या है?

तानी समुदाय के लोग असम व अरुणाचल की सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते हैं और कई संगठन तानीलैंड नामक एक अलग राज्य की मांग करते रहे हैं। NSCT व UTA इसी उद्देश्य से सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि ये संगठन हिंसक गतिविधियों में लिप्त हैं।

निष्कर्ष: अरुणाचल पुलिस की यह कार्रवाई उग्रवादी भर्ती, हथियार तस्करी और नशा व्यापार के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन साबित हुई है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस नेटवर्क का विस्तार अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों तक हो सकता है।

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