
असम : असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने खुद ली है।
हार की जिम्मेदारी स्वीकार
गौरव गोगोई ने कहा कि चुनाव परिणाम पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बतौर प्रदेश अध्यक्ष यह हार उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की मेहनत की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
रणनीति पर होगा मंथन
गोगोई ने संकेत दिए कि कई सीटों के परिणामों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि 9 मई को सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने Mallikarjun Kharge, Sonia Gandhi और Rahul Gandhi समेत शीर्ष नेतृत्व का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद भी दिया।
बीजेपी की मजबूत स्थिति
दूसरी ओर Bharatiya Janata Party ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में है।
सरकार गठन की तैयारी
बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इसके लिए Jagat Prakash Nadda को केंद्रीय पर्यवेक्षक और Nayab Singh Saini को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
अन्य दलों का प्रदर्शन
चुनाव में कांग्रेस को केवल 19 सीटें मिलीं, जबकि असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 10-10 सीटें हासिल हुईं। अन्य दलों में सीमित सफलता देखने को मिली।
इन नतीजों के बाद साफ है कि असम की राजनीति में बीजेपी का दबदबा कायम है, जबकि कांग्रेस को अपनी रणनीति पर गंभीर पुनर्विचार करना होगा।









