
लखनऊ। लखनऊ के KGMU में सामने आए लव जिहाद और यौन शोषण मामले में फरार आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। शनिवार को लखनऊ पुलिस दो टीमों के साथ उत्तराखंड के खटीमा और पैतृक निवास पीलीभीत स्थित घरों की कुर्की करेगी।
गिरफ्तारी के प्रयास और इनाम
आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। यूपी के अलावा उत्तराखंड में भी छापेमारी की जा रही है। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है और उसके पता लगाने पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
KGMU में जांच तेज
KGMU प्रशासन ने कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच भी तेज कर दी है। जांच कमेटी में पूर्व डीजी (पुलिस महानिदेशक) भावेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। उन्होंने शुक्रवार को पैथोलॉजी के सभी डॉक्टरों को एक-एक कर बुलाकर बंद कमरे में पूछताछ की। इस दौरान जांच कमेटी के अन्य सदस्यों को कमरे से बाहर रखा गया।
कई दिनों से KGMU से बाहर रहे पैथोलॉजी विभाग के HOD डॉ. सुरेश बाबू को भी शुक्रवार को कैंपस बुलाया गया और उनसे पूछताछ की गई।
धर्मांतरण से जुड़ी जानकारी के लिए ईमेल जारी
KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सात सदस्यीय कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। अब विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी विभाग का डॉक्टर, इंटर्न या स्टूडेंट धर्मांतरण या इसके प्रयास से जुड़ी जानकारी नाम बताए बिना भेज सकता है। इसके लिए ईमेल आईडी factfindingcommittee@gmcindia.edu जारी की गई है। प्रमुख विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों के बाहर भी नोटिस चस्पा किए जाएंगे, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि धर्मांतरण से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए ईमेल भेजा जा सकता है।
मामले की पृष्ठभूमि
पीड़ित महिला डॉक्टर ने अपने सीनियर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक पर यौन शोषण और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया था। इसके बाद KGMU में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पीड़ित से मुलाकात की और दोषी को सजा दिलाने का भरोसा दिया था।







