
अम्बेडकरनगर के जलालपुर ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतों में मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जनशिक्षण केंद्र और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें ग्रामीणों को स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों से जुड़ी अहम जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में हेमलता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की ओर से तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को कानून की सामान्य जानकारी देना है, ताकि छोटे विवादों का समाधान आपसी सहमति से हो सके और अदालतों पर बोझ कम हो।
विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व बताया
संस्था की सचिव पुष्पा पाल ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना के उपलक्ष्य में हुई थी।
उन्होंने इस वर्ष की थीम “सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और एक न्यायसंगत दुनिया का निर्माण” के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग स्वास्थ्य को केवल बीमारी तक सीमित मानते हैं, जबकि बढ़ता प्रदूषण एक बड़ा खतरा बन चुका है। फेफड़ों की बीमारियां और कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
“स्वस्थ नारी, समृद्ध गांव” का दिया संदेश
कार्यक्रम में सीएलडब्ल्यू रामहित ने “स्वस्थ नारी, समृद्ध गांव” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जिंदगी में लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारी का न होना नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है।
स्वस्थ जीवन के लिए पांच जरूरी सुझाव









