- अंबेडकरनगर में मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर काउंसलिंग सेशन आयोजित
- डॉ. फौजिया शरीफ और टीम ने तनाव, अवसाद, चिंता, अनिद्रा आदि पर जानकारी दी
- मानसिक असंतुलन के लक्षण और समय पर समाधान की वैज्ञानिक जानकारी साझा
अंबेडकरनगर। मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शिव बाबा मंदिर, अंबेडकरनगर में काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय अंबेडकरनगर की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. फौजिया शरीफ एवं उनकी टीम ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रहे मानसिक विकारों जैसे तनाव, अवसाद, चिंता, अनिद्रा आदि के कारण, लक्षण और निवारण की वैज्ञानिक जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया—कैसे पहचानें मानसिक समस्याएं
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. फौजिया शरीफ ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर विकारों का रूप ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का व्यवहार, नींद का पैटर्न, भूख में बदलाव, अचानक चिड़चिड़ापन या आत्मविश्वास की कमी—ये सभी मानसिक असंतुलन के संकेत हो सकते हैं।
तनाव, अवसाद और चिंता को लेकर जागरूकता जरूरी
सेशन में यह स्पष्ट किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही आवश्यक है। डॉ. शरीफ ने बताया कि अधिकतर मामलों में लोग तनाव या डिप्रेशन को सामान्य समझकर इलाज नहीं करवाते, जिससे स्थिति बिगड़ती जाती है। टीम ने यह भी बताया कि समय रहते काउंसलिंग, सहयोग और चिकित्सकीय परामर्श से मानसिक रोगों का प्रभावी इलाज संभव है।








