
अम्बेडकरनगर के जलालपुर ब्लॉक में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जन शिक्षण केंद्र द्वारा ग्रामीण महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत 12 ग्राम पंचायतों में संचालित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों ने भाग लिया।
नारों के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत “मजदूर दिवस जिंदाबाद” के नारों के साथ हुई। इसके माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों और उनकी एकजुटता का संदेश दिया गया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और योजनाओं की जानकारी देना रहा।
मजदूर आंदोलन के इतिहास पर डाली गई रोशनी
कार्यक्रम समन्वयक हेमलता ने मजदूर दिवस के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में मजदूरों ने काम के घंटे कम करने के लिए बड़ा आंदोलन किया था। इस संघर्ष के बाद 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे अन्य गतिविधियों का सिद्धांत लागू हुआ।
संवैधानिक अधिकारों की दी गई जानकारी
सामाजिक कार्यकर्ता रामहित ने श्रमिकों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को सुरक्षित कार्यस्थल, समान मजदूरी, यूनियन बनाने का अधिकार और बाल श्रम निषेध जैसे अधिकार दिए गए हैं। महिलाओं के लिए प्रसूति अवकाश भी महत्वपूर्ण प्रावधानों में शामिल है।









