- कपिल सिब्बल ने कहा- मेरी उम्र 80 साल है
- ऐसे तो जेल में ही मौत हो जाएगी
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजी
इलाहाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल जमानत नहीं मिली है। गुरुवार को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर खुद सुनवाई करने से इनकार करते हुए मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया। कोर्ट ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि याचिका को 16 नवंबर से पहले डिविजन बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही निर्देश दिया कि डिविजन बेंच 16 नवंबर को ही अंतरिम राहत की मांग पर आदेश पारित करे।
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। आजम खान खुद अदालत में पेश नहीं हुए थे। उनकी ओर से उम्र और दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई।
कपिल सिब्बल बोले- मैं हर मामले का सामना करूंगा, लेकिन जमानत चाहिए
सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने आजम खान की ओर से कहा, “मैं हर मामले का सामना करूंगा, लेकिन मुझे जमानत चाहिए। मैं 80 साल का हूं। मुझे ईडी के अलावा 28 अन्य मामलों में गिरफ्तार किया गया। ऐसे तो मेरी मौत जेल में ही हो जाएगी।”
सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस समय आजम खान को जेल से रिहा किया जा रहा था, उसी समय ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सिब्बल ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद आजम खान को चुनाव के दौरान जेल में रखना है। ये दलीलें आजम खान की ओर से उनके वकील ने अदालत में रखीं। <Cite refs={[“turn872560search1″,”turn872560search2”]}/>
31 अक्टूबर को जेल के गेट से गिरफ्तार हुए थे आजम
आजम खान को 31 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद हुई थी। अगले दिन यानी 1 नवंबर को उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया।
विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया। ईडी का मामला जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है।









