- सीसीटीवी में तीन लोग मूर्ति तोड़ते दिखे
- पांच आरोपी हिरासत में, पुलिस कार्रवाई जारी
- घटना से सामाजिक तनाव, जातिवादी मानसिकता पर सवाल
बरेली। नवाबगंज तहसील के गंगापुर गांव में 25 जून 2025 की देर रात भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को अज्ञात व्यक्तियों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। सीसीटीवी फुटेज में तीन लोग मूर्ति से माला उतारकर हथौड़े और रॉड से प्रहार करते दिखे। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैला दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया।
स्थानीय पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांच आरोपियों को हिरासत में लिया और सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया। क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि विधिक कार्रवाई जारी है और स्थिति नियंत्रण में है।
यह घटना संविधान और बाबा साहेब के प्रति बढ़ती असहिष्णुता को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कृत्य जातिवादी और वर्चस्ववादी मानसिकता का परिणाम है, जो बाबा साहेब के समानता और न्याय के सिद्धांतों से डरती है।
शर्मा चाय वाले का विवाद
हाल ही में, हजरतगंज के शर्मा चाय वाले ने मनुस्मृति को संविधान से ऊपर बताकर विवाद खड़ा किया था। दुकानदार का कहना था, “मनुस्मृति श्रेष्ठ है, संविधान उसके बाद।” इस बयान के खिलाफ आजाद समाज पार्टी ने प्रदर्शन किया। पार्टी के अनिकेत धानुक ने कहा, “संविधान सर्वोपरि है। इसका विरोध भारत का विरोध है।” दबाव के बाद चाय वाले ने माफी मांगी, लेकिन इसे औपचारिकता मात्र माना गया।
समाज में बढ़ता तनाव
बरेली में यह पहली घटना नहीं है। हाल के महीनों में संविधान और बाबा साहेब के प्रति अपमानजनक घटनाएं बढ़ी हैं। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो। यह घटना समाज में गहरे विभाजन और संविधान के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती है।








