पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल में चुनाव 2026 के पहले चरण के दौरान हुई हिंसा ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। इस पर Dattatreya Hosabale ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
सरकार की जिम्मेदारी पर जोर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह होसबले ने कहा कि चुनाव के दौरान शांति बनाए रखना पूरी तरह मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव की तरह होते हैं, जिसमें सभी दलों और कार्यकर्ताओं को संयम बरतना चाहिए।
हिंसा पर कड़ा संदेश
होसबले ने 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि देश जानता है कि इसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को जनता ही जवाब देगी और ऐसे तत्वों को लोकतंत्र का सम्मान करना होगा।
पहले चरण में तनावपूर्ण माहौल
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों से झड़प और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद कई जगहों पर तनाव बना रहा।
रिकॉर्ड वोटिंग के बीच विवाद
हिंसा के बावजूद पहले चरण में 92% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों पर हमलों की खबरों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
दूसरे चरण पर टिकी नजर
29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण से पहले यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने में कितना सफल रहता है।









