पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनाव परिणाम से पहले सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। Election Commission of India ने मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की है।
बताया जा रहा है कि केवल पश्चिम बंगाल में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो पूरे काउंटिंग प्रोसेस पर कड़ी नजर रखेंगे।
मतगणना पर कड़ी निगरानी
चुनाव आयोग का कहना है कि इन पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकना और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करना है।मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका खारिज की
इस बीच Supreme Court of India ने Trinamool Congress की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।यह मामला केंद्रीय कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने से जुड़ा था, जिसे टीएमसी ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
आयोग को अधिकार, कोर्ट का स्पष्ट संदेश
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि चुनाव आयोग को अपने अधिकारियों का चयन करने का पूरा अधिकार है और इसमें अदालत दखल नहीं देगी।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है और इसमें किसी प्रकार की अवैधता नहीं है।
राजनीतिक माहौल गर्म
मतगणना से पहले बढ़ी सतर्कता और कोर्ट के फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार चुनाव परिणाम के बाद किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।









