
- भूपेश बघेल ने कहा- ED भाजपा के इलेक्शन विंग की तरह काम कर रही है
- कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, पार्टी ने देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया ऐलान
- कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ रैली’ अभियान, 25 अप्रैल से 30 मई तक चलाए जाएंगे विरोध प्रदर्शन
भुवनेश्वर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाए। बघेल ने कहा कि “ED भाजपा के इलेक्शन विंग की तरह काम कर रही है” और इसके कामकाज में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2015 में इस मामले की जांच बंद कर दी गई थी, लेकिन बाद में एक नई एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लंबी पूछताछ की गई।
कांग्रेस का विरोध: 57 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य 27 अप्रैल तक देशभर के 57 शहरों में कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के सिलसिले को बढ़ावा देना था। बघेल ने यह भी कहा कि “हमें मीडिया के जरिए चार्जशीट के बारे में जानकारी मिली, ED ने किसी को कोई नोटिस तक नहीं दिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक की कांग्रेस सरकारों ने देश के लिए कई महत्वपूर्ण संस्थान बनाए, लेकिन अब भाजपा इन्हें बेचने की कोशिश कर रही है।
ED का आरोप: ₹2000 करोड़ की संपत्तियों पर ₹50 लाख में कब्जा
ED के आरोप के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ₹2000 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा किया। यह संपत्तियां ‘यंग इंडियन’ नामक एक निजी कंपनी के माध्यम से केवल ₹50 लाख में अधिग्रहित की गईं, जिसमें 76% हिस्सेदारी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास है। ।








