बिहार : बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय ही स्पष्ट था कि भाजपा, नीतीश कुमार को लंबे समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी और अब वही स्थिति सामने आ गई है।
बिहार राजनीतिक संकट: बार-बार बदलती सरकार पर सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पांच साल में पांच सरकारों का बनना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “एलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने हटा दिया,” जो राज्य की राजनीति की अस्थिरता को दर्शाता है।
नीतीश कुमार पर टिप्पणी: ‘फिनिश’ होने का दावा
उन्होंने कहा कि जेडीयू नेताओं के दावों के बावजूद भाजपा ने अंततः नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर कर दिया। उनके अनुसार, यह पहले से तय रणनीति का हिस्सा था और अब नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका कमजोर हो गई है।
बीजेपी पर निशाना: ‘ओरिजिनल नेताओं’ की अनदेखी
तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार की संरचना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े पदों पर “ओरिजिनल भाजपाई” नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने वर्तमान नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कई नेता अन्य दलों से आए हैं और भाजपा के मूल कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
विकास और आर्थिक स्थिति पर चिंता
उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जब खजाना खाली है तो विकास कार्य कैसे होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष राज्य के विकास में सहयोग देने को तैयार है, भले ही उनके पास संख्या बल कम हो।









