
- श्रद्धा मोरे की याचिका में ई-फाइलिंग न होने पर जताई गई थी चिंता
- MAHA IT को आवश्यक डेटा न देने पर कोर्ट ने कमिश्नर कार्यालय को घेरा
- कोर्ट ने वेबसाइट दुरुस्त करने के लिए अधिकारी नियुक्त करने को कहा
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की वेबसाइट में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने वेबसाइट को शीघ्र चालू करने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने पर जोर दिया।
जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने स्पष्ट कहा कि चैरिटी कमिश्नर की वेबसाइट “काम कर रही है” यह दावा झूठा प्रतीत होता है। अदालत श्रद्धा मोरे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ई-फाइलिंग की अनुपलब्धता को लेकर चिंता जताई गई थी।
एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे विभाग
चैरिटी कमिश्नर कार्यालय ने अदालत को बताया कि वेबसाइट को चलाने के लिए राज्य सरकार से सहयोग नहीं मिल रहा है। वहीं, महाराष्ट्र सूचना प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड (MAHA IT) ने कहा कि चैरिटी कमिश्नर कार्यालय की ओर से तकनीकी विवरण समय पर नहीं दिया गया, जिससे काम प्रभावित हुआ।
कोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने चैरिटी कमिश्नर कार्यालय को आदेश दिया है कि वह MAHA IT से समन्वय के लिए एक अधिकृत अधिकारी नियुक्त करे।
वेबसाइट संचालन के लिए वार्षिक रखरखाव अनुबंध फाइनल करने और तकनीकी आवश्यकता पूरी करने की प्रक्रिया तीन हफ्तों के भीतर पूरी की जाए।
राज्य सरकार को सर्वर अपग्रेड और क्लाउड स्पेस खरीदने के लिए त्वरित वित्तीय सहायता देने का निर्देश दिया गया।
सभी कार्यवाहियों का डेटा अपडेट किया जाए और आदेशों को समय पर वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।
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अगली सुनवाई 11 जून को
कोर्ट ने साफ किया कि जब तक वेबसाइट पूरी तरह से कार्यशील नहीं हो जाती, तब तक संबंधित पक्षों को मैन्युअल या ऑफलाइन मोड में कार्यवाही दर्ज कराने की अनुमति दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को होगी।








