अम्बेडकरनगर। सिविल न्यायालय के स्पष्ट आदेश और अपर उप जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद गाटा संख्या 376 पर बने भवन को पुलिस और राजस्व टीम की मौजूदगी में बुल्डोजर से ध्वस्त किए जाने का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया है और सभी संबंधित पहलुओं की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय के आदेश के बावजूद चला बुल्डोजर
प्रकरण के अनुसार सिविल न्यायालय द्वारा 25 जनवरी 1977 को गाटा संख्या 376 से संबंधित यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था। इसी आदेश को प्रभावी रखने के लिए अपर उप जिलाधिकारी अकबरपुर की ओर से भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गाटा संख्या 378 से बेदखली की कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में बुल्डोजर चलाकर गाटा संख्या 376 पर बने भवन को भी ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय की गई, जब भवन में रहने वाली महिलाएं मौके पर फरियाद करती नजर आईं।
मौके पर पहुंचने के बाद हुई कार्रवाई पर आपत्ति
भवन ध्वस्तीकरण की जानकारी मिलने के बाद नायब तहसीलदार अकबरपुर मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने गाटा संख्या 376 पर हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कार्रवाई में प्रयुक्त दोनों जेसीबी मशीनों को सीज कर दिया। इसके बाद मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया।








