
आगरा। कथित नकली दवाइयों की बरामदगी से जुड़े चर्चित मामले में पहले जमानत पा चुके ‘हे मा मेडिको’ के संचालक हिमांशु अग्रवाल को अब हाई कोर्ट ने रिश्वत मामले में भी जमानत दे दी है। कोर्ट ने आदेश जारी कर उनकी रिहाई के निर्देश दिए हैं।
मामला क्या था
थाना मदन मोहन गेट में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, औषधि निरीक्षक नवनीत चौधरी की अगुवाई में आगरा, मैनपुरी, मेरठ और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने हे मा मेडिको के मोती कटरा स्थित गोदाम पर छापेमारी की थी।
छापे में 15 बोरे दवाइयां, एक लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद हुए थे।
टीम ने आरोप लगाया कि हिमांशु अग्रवाल ने खुद को बचाने के लिए 1 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की थी। इसके आधार पर उनके खिलाफ 24 अगस्त 2025 को भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 8 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
दवाओं का नेटवर्क
एफआईआर के अनुसार, कथित नकली दवाइयों की सप्लाई पश्चिम बंगाल और बिहार तक की जा रही थी।
मुख्य केस में हिमांशु अग्रवाल के अलावा राजा उर्फ ए.के. राना (मीनाक्षी फार्मा), विक्की कुमार (न्यू बाबा फार्मा, लखनऊ) और सुभाष कुमार (पार्वती ट्रेडर्स, लखनऊ) के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। हिमांशु अग्रवाल को इस मुख्य मुकदमे में पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
अब रिश्वत केस में जमानत
हाई कोर्ट ने अब भ्रष्टाचार अधिनियम वाले मुकदमे में भी हिमांशु अग्रवाल की जमानत मंजूर कर रिहाई के आदेश दे दिए हैं। उनकी पैरवी अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा और जयनारायण शर्मा ने की।








