
- जिला अस्पताल में अगले 3-4 माह में कैंसर सेंटर शुरू
- कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और परामर्श की सुविधा
- खेतापुर में बन रहा 50 करोड़ का निजी कैंसर अस्पताल
अम्बेडकरनगर। जनपद में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में आगामी तीन से चार माह के भीतर कैंसर सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके लिए विभागीय तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। सेंटर पर प्राथमिक जांच से लेकर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सस्ती दवाएं और परामर्श की सुविधा मिलेगी।
संभावित लक्षण मिलते ही अनिवार्य रेफरल
अब यदि ओपीडी में जांच के दौरान किसी मरीज में कैंसर के संभावित लक्षण मिलते हैं, तो संबंधित चिकित्सक को अनिवार्य रूप से उसे कैंसर सेंटर को रेफर करना होगा। प्रभारी सीएमएस डॉ. पीएन यादव के अनुसार, यह सेंटर न केवल इलाज का माध्यम बनेगा, बल्कि जागरूकता, परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी देगा। इसमें प्रशिक्षित चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
बड़े शहरों के चक्कर से मिलेगी राहत
जिला चिकित्सालय के प्रबंधक डॉ. हर्षित गुप्त ने बताया कि सेंटर पर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, आवश्यक इंजेक्शन, संक्रमण से सुरक्षा उपाय और मनोवैज्ञानिक समर्थन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इससे अब मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ, वाराणसी जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर सस्ती दवाएं और उपचार मिल सकेंगे।
कैंसर के लिए समय पर पहचान होगी जीवनरक्षक
विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर का उपचार तभी संभव है जब उसकी पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो। अधिकतर मामलों में मरीज को तब जानकारी होती है जब बीमारी गंभीर हो चुकी होती है। नए सेंटर के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिससे लोग लक्षण पहचान कर समय से जांच करा सकें।









