
- पहले ब्लॉक-तहसील के चक्कर, अब पंचायत में ही ऑनलाइन सुविधाएँ!
- मोबाइल से अब घर बैठे मिलते हैं सरकारी दस्तावेज
- ग्रामीणों की सुविधा के लिए डिजिटल पहल ने कैसे बदली तस्वीर
अम्बेडकरनगर। एक समय था जब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, प्रमाण पत्र बनवाने या अभिलेखों की नकल प्राप्त करने के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब पंचायतीराज विभाग की पहल से ग्राम पंचायतों को हाईटेक और बहुउद्देशीय सेवाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे गाँवों की तस्वीर और तकदीर बदल रही है।
पंचायत भवन अब बहुआयामी सेवा केंद्र
जनपद की 899 ग्राम पंचायतों में संचालित डिजिटल जनसेवा केंद्रों ने अब तक 52 हजार से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए हैं। यह साबित करता है कि ग्रामीण भारत अब डिजिटल इंडिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।
किन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध?
- जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र
- खतौनी और परिवार रजिस्टर की नकल
- योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन (पीएम आवास, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि)
ग्रामीणों को मिल रहा है बड़ा लाभ
- समय और धन की बचत: अब ग्रामीणों को ब्लॉक या तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
- कम लागत: पंचायत भवनों पर सरकारी दर पर सेवा शुल्क लिया जाता है, जबकि पहले बाजार के साइबर कैफे में मनमानी फीस देनी पड़ती थी।
- पारदर्शिता: ऑनलाइन व्यवस्था से अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो गई है।
पंचायत भवनों को मिली अत्याधुनिक सुविधाएँ
सरकारी योजनाओं के तहत लाखों रुपये की धनराशि से पंचायत भवनों को निम्नलिखित सुविधाओं से लैस किया गया है:
- कंप्यूटर, इंटरनेट और इन्वर्टर
- सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
- बिजली, पंखे, कुर्सी-मेज और शौचालय की व्यवस्था
- अभिलेख भंडारण के लिए आलमारियाँ
प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों की उपस्थिति
- पंचायत सहायकों की नियमित तैनाती
- ग्राम सचिव, लेखपाल और विभागीय कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति
- स्थानीय प्रशासन को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी
“पंचायत भवन अब सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि तकनीक और पारदर्शिता से लैस जनसेवा केंद्र बन चुके हैं।” — आनंद कुमार शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी
इस पहल से न केवल ग्रामीणों को सुविधा मिल रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे और पारदर्शिता के साथ पहुँच रहा है। ग्रामीण प्रशासन में यह डिजिटल क्रांति निश्चित ही एक मिसाल बन रही है।








