चंडीगढ़। झुग्गी में रहने से लेकर करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी और उनके बेटे अमित कुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। ED ने चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
सुनवाई और नोटिस
अदालत ने दोनों आरोपियों को पेश होने के लिए नोटिस जारी किए हैं। मामले की सुनवाई 6 फरवरी से चंडीगढ़ में ED की विशेष अदालत में शुरू होगी।
अवैध संपत्ति और ठगी के मामले
सूत्रों के मुताबिक, रामलाल ने पिछले वर्षों में 150 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति बनाई। इसमें गुरुग्राम के कारोबारी और रेवाड़ी के रिटायर्ड अफसर से करोड़ों की ठगी भी शामिल है। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसके पास बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई। ED अब उसकी सभी चल-अचल संपत्तियों की जांच कर रही है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
- 1976 में रामलाल चंडीगढ़ आए और झुग्गी में रहने लगे।
- शुरूआत में छोटे-मोटे काम और रेहड़ी लगाकर गुजर-बसर किया।
- धीरे-धीरे पुलिस और नेताओं से संबंध बनाकर फाइनेंस और प्रॉपर्टी डीलिंग में उतर गए।
ED जांच के मुख्य बिंदु
- रामलाल ने लोगों को प्रशासनिक और पुलिस मामलों में राहत दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली।
- गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा से 5 करोड़ की ठगी, रेवाड़ी के रिटायर्ड अधिकारी से 6 करोड़ की ठगी।
- रेप और हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी उसका नाम आया, लेकिन सबूतों के अभाव में बरी।








