
आलापुर (अंबेडकरनगर)। विकासखंड जहांगीरगंज के इन्दौरपुर उर्फ घिनहापुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एक बार फिर अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में है। लल्लन ब्रह्मचारी ज्ञानेश्वर धाम के बगल में स्थित यह सरकारी अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का ऐसा उदाहरण बन गया है, जहां मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं और निराश होकर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
प्रभारी डॉक्टर सप्ताहभर नदारद, संचालन फार्मासिस्ट के भरोसे
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर प्रवीण कुमार शर्मा सप्ताहभर नियमित रूप से अस्पताल से गायब रहते हैं। उनके लगातार गैरहाजिर रहने के कारण पूरे अस्पताल का संचालन मात्र एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है।
मीडिया द्वारा किए गए पड़ताल में भी अस्पताल परिसर में सिर्फ फार्मासिस्ट ही मौजूद मिले, जबकि डॉक्टर का कोई अता-पता नहीं था।
ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से अस्पताल इसी तरह “स्टाफ अभाव” और “अनियमित उपस्थिति” की समस्या से जूझ रहा है।
दवाओं का भारी संकट, मरीज खाली हाथ लौटने को मजबूर
अस्पताल में आवश्यक दवाओं का लगातार अभाव बना हुआ है।
मरीजों का कहना है कि—
डॉक्टर नहीं, सिर्फ फार्मासिस्ट मौजूद
दवाएं लगभग खत्म
कई दिनों से नियमित ओपीडी ठप
आपातकाल जैसे हालात में भी चिकित्सक नहीं मिलते
स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। कई मरीज मजबूर होकर निजी इलाज कराने को विवश हैं, जो आर्थिक रूप से बोझ बढ़ा रहा है।








