लखनऊ। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री धर्मवीर सिंह और डीजी डीके ठाकुर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्रा ने की और बताया कि इसका उद्देश्य सिविल डिफेंस के सभी वार्डन को प्रशिक्षित करना है।
प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन पर जोर
कार्यक्रम में आपदा के समय सिविल डिफेंस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। डीजी डीके ठाकुर ने बताया कि सिविल डिफेंस की स्थापना चीन से युद्ध के दौरान हुई थी। युद्ध और आपदा के समय नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना, उन्हें मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना और युद्ध/आपदा प्रबंधन में मदद करना इसकी मुख्य जिम्मेदारी है।
उत्तर प्रदेश में सिविल डिफेंस का विस्तार
मंत्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि आपदा और विपदा के समय सिविल डिफेंस निस्वार्थ सेवाएं देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी महत्ता को समझा और इसे सक्रिय किया। पहले प्रदेश में केवल 17 जनपदों में सक्रिय सिविल डिफेंस देखी जाती थी, अब यह सभी 75 जनपदों में सक्रिय हो गई है।
वार्डनों की जिम्मेदारी
अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि वार्डनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने विभाग और पहचान को पीछे छोड़ कर लोगों को सिविल डिफेंस के महत्व और उसकी सेवाओं से अवगत कराएं।








