- कमिश्नर रोशन जैकब व एलडीए उपाध्यक्ष ने की जनसुनवाई
- भूमि विवाद, पेंशन, बिजली जैसी समस्याओं पर हुई सुनवाई
- बब्लू अली के प्लॉट की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े का खुलासा
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में शुक्रवार को नागरिक समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचे। इस जनसुनवाई शिविर में मंडलायुक्त रोशन जैकब, एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही जनसुनवाई करते हुए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस शिविर में भूमि विवाद, पेंशन, बिजली और अन्य नागरिक समस्याओं से जुड़ी ढेरों शिकायतें सामने आईं। कमिश्नर रोशन जैकब ने गंभीर मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा की और पीड़ितों को शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य है कि आम जनता की परेशानियों का हल प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गलत व्यक्ति के नाम हो गई रजिस्ट्री, बब्लू अली भटक रहे न्याय के लिए
जनसुनवाई के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसमें एक फरियादी बब्लू अली ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन अधिग्रहित किए जाने के बाद एलडीए ने उन्हें वर्ष 2007 में ट्रांसपोर्टनगर योजना के तहत 650 वर्गफीट का प्लॉट आवंटित किया था। लेकिन वर्ष 2008 में फर्जीवाड़ा कर उस प्लॉट की रजिस्ट्री किसी अन्य ‘बब्लू’ नामक व्यक्ति के नाम कर दी गई।
पीड़ित बब्लू अली का कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री हुई, उसने उस प्लॉट को एक तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। एक माह पहले जब असली बब्लू अली उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने प्लॉट पर दावा जताते हुए विरोध कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और एलडीए कार्यालय का रुख किया, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
बब्लू ने बताया कि वह बीते कई सप्ताह से थाने से लेकर विकास प्राधिकरण तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब वह नागरिक समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर आए हैं, जहां अधिकारियों ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है।
अधिकारियों ने दिए स्पष्ट निर्देश
जनसुनवाई में शामिल अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मामलों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं और इससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ती है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी प्राथमिकता यही है कि हर फरियादी को न्याय मिले।








